ज्योतिष क्या है? (ज्योतिष क्या है?)

ज्योतिष क्या है?

ज्योतिष, जिसे एस्ट्रोलॉजी भी कहा जाता है, एक प्राचीन विद्या है जो आकाशीय पिंडों (ग्रहों, तारे, चंद्रमा और सूर्य) की चाल और स्थिति का अध्ययन करती है, यह समझने का प्रयास है कि वे पृथ्वी पर जीवन और घटनाओं को कितना प्रभावित करते हैं। यह एक ऐसा विज्ञान है जिसमें “जैसा ऊपर, वैसा नीचे” (जैसा ऊपर, वैसा नीचे) माना जाता है।

ज्योतिष की परिभाषाएँ और सिद्धांत

ज्योतिष का इतिहास हजारों साल पुराना है और इस दुनिया की लगभग हर परंपरा किसी न किसी रूप में मौजूद है। भारतीय वैदिक ज्योतिष , चीनी ज्योतिष, और पश्चिमी ज्योतिष इसके कुछ प्रमुख प्रकार हैं।

ज्योतिष की मुख्य बातें ये हैं:

  • ब्रह्मांडीय संबंध: यह मानक है कि जिस क्षण किसी व्यक्ति का जन्म होता है, उस समय आकाश में जो राशि चिन्ह की स्थिति होती है, वह उस व्यक्ति के व्यक्तित्व , जीवन की यादें और भाग्य पर गहरा प्रभाव डालता है।
  • नक्षत्र का प्रभाव: प्रत्येक ग्रह की एक विशिष्ट ऊर्जा और महत्व होता है। उदाहरण के लिए, सूर्य आत्मा और व्यवहार का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि चंद्रमा मन और भावना का।
  • समय का महत्व: ज्योतिष केवल भविष्यवाणियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समय की गुणवत्ता को समझने में भी मदद मिलती है- अर्थात्, किसी भी कार्य को करने का सबसे शुभ या सही समय कौन सा है।

ज्योतिष के मुख्य अंग

ज्योतिष शास्त्र को जानने के लिए कुछ ऐसे ही व्यापारिक प्रतिष्ठान जानें:

  1. जन्म कुंडली (Natal Chart/Kundli): यह एक विशेष समय (जन्म का समय) और आकाश में स्थान का एक नक्शा है। यह भी ज्योतिषीय विश्लेषण का आधार है।
  2. ग्रह (ग्रह): ज्योतिष में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि और दो छाया ग्रह – राहु और केतु – को मुख्य रूप से देखा जाता है।
  3. राशियाँ (राशि चिन्ह): आकाश को 12 लघु राशियों में बाँटा गया है, जिसमें मेष से लेकर मीन तक की 12 राशियाँ बताई गई हैं। हर राशि की अपनी विशेषताएं होती हैं।
  4. भाव (मकान): कुंडली में 12 भाव (घर) होते हैं, और हर भाव जीवन के एक विशिष्ट क्षेत्र (जैसे विश्वास , संबंध , स्वास्थ्य , धन ) का प्रतिनिधित्व करता है।

ज्योतिष का उद्देश्य क्या है?

कई लोग ज्योतिष को केवल भविष्य की खोज का साधन मानते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य कहीं अधिक व्याप्त है:

  • आत्म-जागरूकता: यह व्यक्ति अपनी शक्तियों , अल्पगुणों , और उद्घाटन को दीक्षांत में मदद करता है।
  • दिशानिर्देश: यह विश्वसनीयता, स्टॉक या बड़े पैमाने पर संबंध में सही जीवन दिशा निर्देशन में सहायता कर सकता है।
  • कर्म और उपाय: वैदिक ज्योतिष में अक्सर नकारात्मक प्रभावों को कम करने या सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए रत्न , पूजा , या अन्य उपाय (उपाय) सुझाए जाते हैं।

संक्षेप में, ज्योतिष एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। यह आपके जीवन की कहानी को पहले से नहीं लिखता, बल्कि आपको उस कहानी को बेहतर ढंग से समझने और अपनी स्वतंत्रता (फ्री विल) का उपयोग करके सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देता है।

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