
अक्सर हम कड़ी मेहनत करते हैं, दिन-रात एक करके पैसा कमाते हैं, लेकिन महीने के अंत में जेब खाली ही रहती है। कई बार हमें लगता है कि हमारी किस्मत ही खराब है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में ऊर्जा का असंतुलन आपके ‘वेल्थ रिटेंशन’ (पैसा रोकने की क्षमता) को प्रभावित कर सकता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि पैसा आता तो है पर पानी की तरह बह जाता है, तो इसके पीछे ये 7 प्रमुख वास्तु दोष हो सकते हैं:
1. मुख्य द्वार के सामने बाधा
वास्तु में घर का मुख्य दरवाजा लक्ष्मी के आगमन का मार्ग है। यदि आपके मुख्य द्वार के सामने गंदगी, कूड़ादान, या कोई बड़ा खंभा/पेड़ है, तो यह सकारात्मक ऊर्जा और धन के प्रवाह को बाधित करता है।
- उपाय: दरवाजे को हमेशा साफ रखें और बाहर एक सुंदर नेमप्लेट और अच्छी रोशनी का प्रबंध करें।
2. ईशान कोण (North-East) में भारीपन
घर का उत्तर-पूर्व कोना ‘कुबेर’ और ‘ईश्वर’ का स्थान माना जाता है। यदि इस कोने में आपने भारी अलमारी, सीढ़ियाँ या कबाड़ रखा है, तो कर्ज बढ़ता है और जमा पूंजी खर्च होने लगती है।
- उपाय: इस कोने को जितना हो सके खाली, साफ और हल्का रखें। यहाँ जल का स्रोत (जैसे छोटा फव्वारा) रखना बहुत शुभ होता है।
3. नल से पानी का टपकना (Leaking Taps)
यह सुनने में मामूली लग सकता है, लेकिन वास्तु में टपकता हुआ नल ‘धन के रिसाव’ का प्रतीक है। अगर आपके घर की रसोई या बाथरूम का नल धीरे-धीरे टपकता रहता है, तो समझ लीजिए कि पैसा भी वैसे ही फिजूल खर्चों में बह जाएगा।
- उपाय: घर के किसी भी नल को टपकने न दें, उसे तुरंत ठीक करवाएं।
4. दक्षिण-पश्चिम (South-West) में दोष
घर का दक्षिण-पश्चिम कोना ‘स्थिरता’ (Stability) का होता है। यदि यह कोना खुला है या यहाँ गड्ढा/पानी की टंकी है, तो पैसा कभी घर में टिकेगा नहीं।
- उपाय: अपनी तिजोरी या धन रखने की अलमारी हमेशा दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें और उसका मुख उत्तर (North) की ओर खुले।
5. रसोई में आग और पानी का मेल
रसोई घर में सुख-समृद्धि का केंद्र है। यदि आपके किचन में गैस का चूल्हा (अग्नि) और सिंक (पानी) बिल्कुल पास-पास हैं, तो यह घर के सदस्यों के बीच कलह और अनावश्यक खर्चों को न्योता देता है।
- उपाय: चूल्हे और सिंक के बीच कम से कम 2-3 फीट की दूरी रखें या उनके बीच एक छोटा लकड़ी का पार्टीशन रख दें।
6. घर में मकड़ी के जाले और कबाड़
जिस घर में कोने-कोने में जाले होते हैं या बंद घड़ियाँ और टूटा हुआ कांच पड़ा रहता है, वहां राहु का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे अचानक आने वाले अनचाहे खर्च (जैसे बीमारी या कानूनी मामले) बढ़ जाते हैं।
- उपाय: हर शनिवार घर की सफाई करें। जो सामान काम का नहीं है, उसे बाहर निकालें। घर में रुकी हुई घड़ियाँ कभी न रखें।
7. दक्षिण-पूर्व (South-East) में नीला रंग
दक्षिण-पूर्व दिशा ‘अग्नि’ की है और कैश फ्लो को नियंत्रित करती है। यदि यहाँ नीला रंग है या पानी का कोई शो-पीस रखा है, तो यह अग्नि को बुझा देता है, जिससे इनकम के स्रोत कम हो जाते हैं।
- उपाय: इस दिशा में लाल, नारंगी या गुलाबी रंगों का प्रयोग करें और भूलकर भी यहाँ पानी का टैंक न बनवाएं।
निष्कर्ष (Conclusion)
पैसा कमाना आपकी योग्यता है, लेकिन उसे रोक पाना घर के वास्तु पर निर्भर करता है। इन 7 बदलावों को करके देखें, आप खुद महसूस करेंगे कि आपके बैंक बैलेंस में बरकत होने लगी है। वास्तु के ये नियम कोई जादू नहीं हैं, बल्कि ये आपके आसपास की ऊर्जा को व्यवस्थित करने का एक विज्ञान हैं।
Next – किराये के घर में वास्तु कैसे करें

