
क्या तुमने कभी “64 Yoginis” (चौंसठ योगिनियाँ) का नाम सुना है?
ये केवल देवी शक्ति की उपासक नहीं, बल्कि universal energy की प्रतीक हैं — वो शक्ति जो सृष्टि को चलाती है।
भारत के कुछ चुनिंदा मंदिरों में इन योगिनियों की पूजा आज भी उतनी ही रहस्यमयी है जितनी सदियों पहले थी।
64 Yoginis कौन हैं? | Who Are the 64 Yoginis?
“योगिनी” शब्द संस्कृत के “योग” से बना है — यानी वह जो ईश्वर से जुड़ चुकी है।
64 Yoginis को देवी शक्ति के 64 अलग-अलग रूपों के रूप में पूजा जाता है।
इनका संबंध तांत्रिक साधना, देवी उपासना, और अद्वैत शक्ति दर्शन से है।
योगिनी परंपरा की उत्पत्ति | Origin of the Yogini Tradition
इतिहासकारों के अनुसार यह परंपरा 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच उभरी, जब तांत्रिक साधना अपने चरम पर थी।
तंत्र में, योगिनियाँ केवल देवी नहीं बल्कि गुरु, रक्षक और शक्ति के माध्यम मानी जाती हैं।
64 Yoginis का महत्व | Significance in Tantra & Shakti Worship
हर योगिनी एक अलग cosmic vibration का प्रतिनिधित्व करती है —
जैसे महाकाली विनाश की शक्ति हैं, वहीं बगला मुखी शत्रु-विनाश और नियंत्रण की प्रतीक हैं।
प्रमुख चौंसठ योगिनी मंदिर भारत में | Famous 64 Yogini Temples in India
भारत में केवल कुछ ही Yogini temples हैं — और ये सभी open-roofed circular temples हैं, जो ब्रह्मांडीय शक्ति के चक्र का प्रतीक हैं।
- Hirapur Yogini Temple (Odisha)
छोटा लेकिन रहस्यमयी मंदिर, जिसे locals Mahamayee Temple भी कहते हैं। यहाँ पत्थर की 64 सुंदर मूर्तियाँ हैं।
- Mitaoli (Morena, Madhya Pradesh)
इस मंदिर की गोलाकार संरचना ने कहा जाता है कि Indian Parliament building को inspire किया।
- Bhedaghat (Jabalpur)
यहाँ की योगिनियाँ खासतौर पर तांत्रिक साधना से जुड़ी मानी जाती हैं।
- Ranipur-Jharial (Odisha)
सबसे प्राचीन 64 Yogini स्थलों में से एक, जहाँ “Mahishamardini” की पूजा होती है।
64 Yoginis की सूची | Names of Some Yoginis
सभी 64 के नाम अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े भिन्न मिलते हैं, पर कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं —
Mahakali, Chamunda, Bhairavi, Baglamukhi, Dhumavati, Kaumari, Varahi, Kalaratri,
Vajrayogini, Koulini, Siddhayogini, Narasimhi, Matangi, Tara, Kamakhya, Kubjika इत्यादि।
योगिनी साधना का रहस्य | Mystery of Yogini Worship
Yogini worship is not ordinary puja. यह साधना गूढ़ (esoteric) है और इसे केवल वही साधक कर सकता है जो निर्भय और शुद्धचित्त हो।
माना जाता है कि योगिनी साधना से साधक को सिद्धियाँ (divine abilities) और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है।
योगिनी साधना का रहस्य | Mystery of Yogini Worship
Yogini worship is not ordinary puja. यह साधना गूढ़ (esoteric) है और इसे केवल वही साधक कर सकता है जो निर्भय और शुद्धचित्त हो।
माना जाता है कि योगिनी साधना से साधक को सिद्धियाँ (divine abilities) और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है।
स्त्री शक्ति और योगिनियाँ | Feminine Power & Yoginis
आज के युग में “64 Yoginis” सिर्फ एक धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि woman empowerment का प्रतीक बन चुकी हैं।
निष्कर्ष | Conclusion
64 Yoginis represent a truth that’s both ancient and eternal —
कि देवी शक्ति हर जगह है, हमारे अंदर भी।
उनकी पूजा केवल मंदिर में नहीं, बल्कि अपने अंदर की ऊर्जा को पहचानने का माध्यम है।
