
किराये का घर भले ही आपका अपना न हो, लेकिन जब तक आप वहां रह रहे हैं, उसकी ऊर्जा (Energy) आपके जीवन, स्वास्थ्य और करियर पर सीधा असर डालती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि “ये तो किराये का घर है, इसमें हम क्या बदलाव कर सकते हैं?”
सच तो यह है कि बिना किसी तोड़-फोड़ के भी आप वास्तु के नियमों को अपनाकर अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं। यहाँ कुछ सरल और प्रभावी टिप्स दिए गए हैं जो किराये के घर को आपके लिए ‘लकी’ बना सकते हैं:
1. मुख्य द्वार (Entrance) ही सब कुछ है
वास्तु में घर के मुख्य दरवाजे को ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है।
- दिशा: कोशिश करें कि घर का प्रवेश द्वार उत्तर (North), पूर्व (East) या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में हो।
- सफाई: दरवाजे के बाहर जूते-चप्पल का ढेर न लगाएँ।
- सुरक्षा और स्वागत: दरवाजे पर स्वास्तिक, ओम या ‘शुभ-लाभ’ का चिन्ह लगाएँ। यह नकारात्मक ऊर्जा को अंदर आने से रोकता है।
2. कमरों का सही चयन
किराये के घर में आप दीवारों को हिला नहीं सकते, लेकिन कमरों का उपयोग सही तरीके से कर सकते हैं:
- मास्टर बेडरूम: परिवार के मुखिया को हमेशा दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने वाले कमरे में सोना चाहिए। इससे स्थिरता (Stability) आती है।
- पूजा घर: अगर अलग कमरा नहीं है, तो घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में एक छोटा मंदिर या चौकी रखें। ध्यान रखें कि पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो।
3. रसोई घर (Kitchen) के नियम
रसोई में अग्नि और पानी का संतुलन होना जरूरी है:
- गैस चूल्हा (Stove) दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा में होना चाहिए।
- पानी का स्रोत (Sink) उत्तर या पूर्व दिशा में रखें।
- जरूरी बात: कभी भी चूल्हा और सिंक एक ही लाइन में या बिल्कुल पास-पास न रखें, क्योंकि आग और पानी का मेल क्लेश पैदा करता है।
4. बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपाय (Easy Remedies)
चूंकि आप किरायेदार हैं, इसलिए बड़े बदलाव मुमकिन नहीं हैं। ऐसे में ये उपाय “Life Saver” साबित होते हैं:
- नमक का पोछा: हफ्ते में एक बार पानी में समुद्री नमक (Sea Salt) मिलाकर पोछा लगाएँ। यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।
- क्रिस्टल और पिरामिड: घर के कोनों में वास्तु पिरामिड या क्रिस्टल बॉल्स लटकाने से ऊर्जा संतुलित होती है।
- भारी सामान: घर का भारी फर्नीचर (जैसे अलमारी, बेड) हमेशा दक्षिण या पश्चिम की दीवारों से सटा कर रखें। उत्तर और पूर्व को जितना हो सके खाली और हल्का रखें।
5. पौधों से बढ़ाएं सकारात्मकता
पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि वास्तु दोष भी दूर करते हैं:
- उत्तर-पूर्व में मनी प्लांट या तुलसी का पौधा रखें।
- घर में सूखे हुए फूल या कैक्टस (कांटेदार पौधे) न रखें, ये तनाव बढ़ाते हैं।
Gemini said
बेहतरीन, इस लेख को और अधिक गहराई देने के लिए यहाँ 5 और महत्वपूर्ण पॉइंट्स दिए गए हैं, जिससे आपकी यह ‘वास्तु गाइड’ पूरी 10 पॉइंट्स की चेकलिस्ट बन जाएगी:
6. दर्पण (Mirror) का सही प्लेसमेंट
दर्पण ऊर्जा को प्रतिबिंबित (Reflect) करते हैं, इसलिए इनका स्थान बहुत सोच-समझकर चुनें:
- सही दिशा: शीशा हमेशा उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाएं। इससे धन और सकारात्मकता में वृद्धि होती है।
- क्या न करें: बेडरूम में बेड के ठीक सामने शीशा कभी न लगाएं। यदि सोते समय आपकी परछाई शीशे में दिखती है, तो यह स्वास्थ्य समस्याओं और बुरे सपनों का कारण बन सकता है। अगर शीशा हटाना मुमकिन न हो, तो रात को उसे कपड़े से ढक दें।
7. बाथरूम और टॉयलेट की सावधानी
किराये के घरों में अक्सर बाथरूम गलत दिशा में होते हैं। इसे ठीक करने के लिए:
- दरवाजा बंद रखें: बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर के अन्य हिस्सों में न फैले।
- नमक का कटोरा: बाथरूम के एक कोने में कांच की कटोरी में डली वाला नमक (Sea Salt) भरकर रखें। यह वहां की नमी और नकारात्मकता को सोख लेता है। हर महीने इस नमक को बदल दें।
8. रोशनी और वेंटिलेशन (Light & Air)
अंधेरा और घुटन वास्तु दोष को बढ़ाते हैं:
- सुबह की धूप: कोशिश करें कि सुबह कम से कम 20-30 मिनट के लिए घर की खिड़कियां खुलें ताकि ताजी हवा और सूरज की रोशनी (जो प्राकृतिक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है) अंदर आ सके।
- कोनों में रोशनी: घर का कोई भी कोना अंधेरा न रहे। शाम के समय दक्षिण-पश्चिम कोने में एक दीया या बल्ब जरूर जलाएं, इससे पितृ दोष कम होता है और शांति बनी रहती है।
9. रंगों का चुनाव (Wall Colors)
किराये के घर में आप पेंट तो नहीं बदल सकते, लेकिन पर्दों और बेडशीट के जरिए रंगों को संतुलित कर सकते हैं:
- हल्के रंग: घर में हमेशा क्रीम, सफेद, हल्का नीला या पेस्टल रंगों का अधिक प्रयोग करें। ये मन को शांत रखते हैं।
- गहरे रंगों से बचें: बहुत ज्यादा गहरे लाल, काले या ग्रे रंगों का इस्तेमाल दीवारों या बड़े पर्दों पर न करें, क्योंकि ये आक्रामकता और उदासी बढ़ा सकते हैं।
10. खराब सामान और कबाड़ (Clutter-Free Zone)
वास्तु शास्त्र में “कबाड़” सबसे बड़ा अवरोधक माना जाता है:
- पुरानी चीजें: टूटे हुए बर्तन, बंद पड़ी घड़ियाँ, या इलेक्ट्रॉनिक सामान जो काम नहीं कर रहे, उन्हें तुरंत घर से बाहर निकालें। ये चीजें तरक्की को रोकती हैं।
- बेड के नीचे सफाई: अक्सर लोग किराये के घर में जगह की कमी के कारण बेड के नीचे सामान भर देते हैं। कोशिश करें कि बेड के नीचे का हिस्सा खाली रहे, ताकि सोते समय ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो।
बोनस टिप: घर छोड़ते समय का वास्तु
वास्तु सिर्फ घर में रहने तक ही सीमित नहीं है। जब आप किराये का घर छोड़कर नए घर में जाएं, तो पुराने घर को साफ-सुथरा छोड़कर जाएं। ऐसा करने से आप अपनी अच्छी ऊर्जा अपने साथ ले जाते हैं और पिछले घर का कोई ‘कार्मिक बोझ’ आप पर नहीं रहता।
एक खास सलाह:
किराये के घर में शिफ्ट होने से पहले “गणेश पूजा” या “नवग्रह शांति” जरूर करवाएं। इससे उस घर में पहले से मौजूद किसी भी तरह की नेगेटिविटी खत्म हो जाती है।
निष्कर्ष: वास्तु का मतलब घर को बदलना नहीं, बल्कि घर के वातावरण को अपने अनुकूल बनाना है। छोटे-छोटे बदलाव जैसे सही दिशा में सोना, रोशनी का उचित प्रबंध और सफाई रखने से ही आप किराये के घर में भी सुख-समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं।

